Friday, January 27, 2012

बरगद...



बड़ा निर्मोही और निष्ठुर होता है.. बरगद

तमाम छोटी - बड़ी जिंदगियों को कभी 
आसरा देने से पीछे नहीं हटता 
लेकिन उन जिंदगियों को 
उनके नये सफर की उड़ान भरने से 
कभी नहीं रोकता
बड़ा निर्मोही और निष्ठुर होता है.. बरगद

तमाम पथिकों को 
अपनी विशाल छांह में विश्राम देता है
उनकी जिंदगी की कशमकश से निकले
स्वेद बिंदुओं को,
अपने प्यार के आंचल से पोंछता है, 
फिर भूल जाता है उन पथिकों को
बड़ा निर्मोही और निष्ठुर होता है.. बरगद

तूफां को भी अपनी जटाओं में
उलझा ले, 
लेकिन अपनी छांव में किसी को 
पनपने नहीं देता,
अपनों को आंसुओं के साथ विदा 
करने को लाचार औ बेबस होता है.. बरगद,
बड़ा निर्मोही और निष्ठुर होता है.. बरगद

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