ये प्रकृति, कुदरत....
विविधता की दीवानी है...
विविधता में ही इसे आनंद मिलता है..
इसीलिए... इसने अपने ही बनाये जीवों की एक प्रजाति.... डायनासोर को खत्म कर दिया... क्योंकि डायनासोरों से उसकी....
प्रकृति की.. वैविध्यपरकता को खतरा था....
कमोवेश यही चीज मनुष्य की प्रकृति के बारे में है...
ये भी... विविधता पसंद करती है..
एक ही ... Genetic Bank से निकले इंसान... बीमारियों से लड़ने में कमजोर पाये गये हैं..
और विविध Genetic Bank से उत्पन्न मनुष्य.. ज्यादा मजबूत पाया गया है..
बच्चों के पालन पोषण में भी.. हम सब चाहते हैं...बच्चे का.. Exposure जितना विविध होगा..उसकी पर्सनैल्टी उतनी ही बढ़िया निखरेगी...
पर विचारों के मामले में हम पता नहीं क्यों संकीर्ण हो जाते हैं....
विरोध या प्रतिरोध... विविधता की जननी भी है..
जिस दिन विचारों के विरोधों और अंतर्विरोधों में निहित विविधता का आनंद उठाने की क्षमता हम में आ जाएगी.....ये दुनिया...वास्तव में दुनिया होगी.....
ये पूरी गारंटी से कह सकता हूं......
विविधता में ही इसे आनंद मिलता है..
इसीलिए... इसने अपने ही बनाये जीवों की एक प्रजाति.... डायनासोर को खत्म कर दिया... क्योंकि डायनासोरों से उसकी....
प्रकृति की.. वैविध्यपरकता को खतरा था....
कमोवेश यही चीज मनुष्य की प्रकृति के बारे में है...
ये भी... विविधता पसंद करती है..
एक ही ... Genetic Bank से निकले इंसान... बीमारियों से लड़ने में कमजोर पाये गये हैं..
और विविध Genetic Bank से उत्पन्न मनुष्य.. ज्यादा मजबूत पाया गया है..
बच्चों के पालन पोषण में भी.. हम सब चाहते हैं...बच्चे का.. Exposure जितना विविध होगा..उसकी पर्सनैल्टी उतनी ही बढ़िया निखरेगी...
पर विचारों के मामले में हम पता नहीं क्यों संकीर्ण हो जाते हैं....
विरोध या प्रतिरोध... विविधता की जननी भी है..
जिस दिन विचारों के विरोधों और अंतर्विरोधों में निहित विविधता का आनंद उठाने की क्षमता हम में आ जाएगी.....ये दुनिया...वास्तव में दुनिया होगी.....
ये पूरी गारंटी से कह सकता हूं......
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